*बदायूँ कप्तानसाहब सहसवान थाना बना दलालों का अड्डा,फरियादियों को फटकार, सीएम के आदेश की नही दरकार-* 

 


 


*बदायूँ कप्तानसाहब सहसवान थाना बना दलालों का अड्डा,फरियादियों को फटकार, सीएम के आदेश की नही दरकार-* 


 


बदायूँ सहसवान कप्तान साहब कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने व अपराधियों पर अंकुश लगाने फरियादियों को इंसाफ देने की कड़ी हिदायतें थानाध्यक्ष को दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ थाना अध्यक्ष कप्तान साहब की बात को दरकिनार करते हुए नजर आ रहे हैं परन्तु वर्दी के धाक के आगे गरीब फरियादियों की सुनवाई न होकर फटकार मिलती रहती है।यदि दलालों से सम्पर्क साधा जाय तब सुनवाई होना सम्भव है।मात्र दिखाने के लिए थाने पर मोटे अक्षरों में लिखा मिलेगा की यहां दलालों का प्रवेश वर्जित है।सत्यता तो यह है कि यहां तो दलालों की लाइन लगी रहती है।ऐसी स्थिति में कप्तान साहब व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ का आदेश कैसे रंग ला सकता है जब थाना ही दलालों व चाटूकारों का अड्डा बन गया है।उन्ही के इशारे पर पुलिस समस्त कार्य करके बेसहारा निर्बल, गरीब लोगों को ठुकराने की भूमिका निभा रही है।सहसवान कोतवाली जो बदायूँ जिले का अभिन्न अंग बन कर महत्वपूर्ण माना जाने वाला विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह जो कि पहले सहसवान कोतवाली में तैनात थे चोरी लूटपाट गोकशी जैसी घटना पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया था और कहीं जाए उनके बारे में तो वे सहसवान की जनता भी जानती है गरीबों के मसीहा थे गरीबों की सुनने वाले थे जो कि आज भी सहसवान की जनता उन्हें याद करती है सहसवान कोतवाली में उनके चलते दलालों का प्रवेश नहीं था अब दलालों का प्रवेश चालू हो गया है अब यहां चोरी छिनैती राहजनी मारपीट छेड़छाड़ दुर्घटनायें आदि वारदातों का होना आम बात हो गई है।अपना दुखड़ा लेकर थाने आने वाले फरियादियों को फटकार कर भगाना पुलिस का रोजमर्रा का कार्य बन चुका है।यदि दलालों से मिलकर अपनी फरियाद सुनाई जाए तो सुनवाई सम्भव है अथवा पुलिस कप्तान व उच्वधिकारियों याकि प्रभावशाली नेताओं द्वारा शिफारस लगाई जाय तभी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करना मुनासिब समझती है अन्यथा चक्कर काटते रहो। 


 


 *सहसवान अवैध कारोबार की भरमार–* 


 


खनन माफियाओं द्वारा बालू मिट्टी की खुदाई, डग्गामार वाहनों द्वारा रोडों दौड़ रही हैं। पशु तस्करी व मांस का कारोबार क्षेत्र में शराब की भट्टियों की भरमार गांजा व भांग की बिक्री जुवारियों के अड्डे,


 चेकिंग के नाम अवैध वसूली मारपीट लडाई झगड़ा भूमि विवाद व सट्टे का कारोबार जोरों शोरों पर का धन्धा सहित विभिन्न मामले में दलालों से मिलकर सौदेबाजी व अन्य अवैध कारोबार पुलिस के आय स्रोत बने हुए हैं।जिसके चलते क्षेत्र में अवैध कारोबार का सिलसिला चरम पर है।क्षेत्रीय लोगों की माने तो अवैध कारोबारियों की व दलालों की बल्ले बल्ले हो रही है वहीं पुलिस दिन दूनी रात चैगुनी तरक्की पर तरक्की हो रही है।