बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

शब-ए-बारात पर अपने पुरखो और रिश्तेदारों को याद कर मग़फिरत की मांगी दुआ पुराने लखनऊ में सजी मस्जीदें इमामबाड़े व कब्रिस्तान में लोगो ने अपने अज़ीज़ों,पुरखो और रिश्तेदारों की क़ब्र पर पढ़ा फातिहा व कुरान पढ़ कर की मग़फिरत के लिए दुआएं।

शब-ए-बारात पर अपने पुरखो और रिश्तेदारों को याद कर मग़फिरत की मांगी दुआ पुराने लखनऊ में सजी मस्जीदें इमामबाड़े व कब्रिस्तान में लोगो ने अपने अज़ीज़ों,पुरखो और रिश्तेदारों की क़ब्र पर पढ़ा फातिहा व कुरान पढ़ कर की मग़फिरत के लिए दुआएं।



ऐशबाग कर्बला,गुफरामाआब इमामबाड़ा,तालकटोरा कर्बला,इमदाद हुसैन की कर्बला,आग़ बाक़र,कर्बला अब्बास बाग़ में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंच अपने पुरखो की कब्रों व इमामबड़ो पर किया चरागां।बताते चलें यह शाबान का महीना हैं इस महीने की 15वीं शब,शबे ए बारात मनाया जाता हैं,यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है,शब का मतलब होता है,रात और बारात का मतलब होता है,बरी करना,इस रात मुसलमान अपने पुरखो व रिश्तेदारों की मग़फिरत के लिए दुआएं करते व कुरान पढ़ते हैं यही नहीं इस दिन लोग़ रोज़ा भी रखते है एवं रात भर इबादत कर रब की बारगाह में अपने गुनाहों की माफ़ी माँगते हैं।जानकारी के मुताबिक शाबान की 15 वी तारीख़ को 12"वे इमाम मेहंदी (अ०स०)की पैदाइश यानी जन्मदीन के मौके पर कर्बला,इमामबाड़े व मस्जिदों और घरों में नज़र व महफ़िल का एहतिमाम (आयोजन) किया जाता है।देर रात और तड़के सुबह होते हुए मेहंदी घाट दरिया पर बजरे की बड़ी संख्या में लोग ज़ियारत करते हुए लोग नज़र दिलाकर दुआएं माँगते
हैं।

क्षत्रिय करणी सेना द्वारा जिलाधिकारी व एसपी को दिया ज्ञापन।

क्षत्रिय करणी सेना द्वारा जिलाधिकारी व एसपी को दिया ज्ञापन।


हरदोई ।  हरदोई जिले में क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारियों के द्वारा जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें क्षत्रिय करणी सेना द्वारा सवर्ण जातियों के लिए न्याय की गुहार लगाई गई।

ज्ञापन में लिखा गया है कि हरदोई जिले में कुछ अनुसूचित जाति के संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा समय-समय पर कुछ ऐसे कृत्य किए जा रहे है। जिससे क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगड़ रहा है। आम नागरिकों (सवर्ण) में भय का वातावरण उत्पन्न हो रहा है तथा कानून व्यवस्था को भी गंभीर चुनौती मिल रही है। साथ ही यह संगठन दबाव बना कर सवर्णों पर फर्जी मुकदमे लिखवा रहे हैं।
उदाहरण जैसे चौसार, सरौना व शाहाबाद की घटनाओं को देखा गया है और जनपद में ये तो बड़ी घटनाएं हैं जिनकी जानकारी सभी को है और पता नहीं और कितनी घटनाएं हो रही हैं और कितने लोगों इनके निशाने पर हैं।
ज्ञापन में निम्नलिखित मांग हैं।

1. ऐसे जातिगत संगठन जो थानों पर जाकर दबाव बनाते उन अराजक तत्वों को पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए ।

2. भड़काऊ, भाषण, सोशल मीडिया पोस्ट एवं अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल F.I.R. दर्ज की जाए व रोक लगाई जाए।

3. भविष्य में किसी प्रकार की अवैध सभा जुलूस या प्रदर्शन जहां हिन्दू देवी देवताओं के साथ सवर्णों के खिलाफ बोला जा रहा हो वह पूर्ण प्रतिबंधित किया जाए ।

4. निर्दोष सवर्णों को आए दिन झूठे हरिजन एक्ट के मुकदमे में फ़साने को धमकी देते है।ऐसे लोगो पर तुरंत कार्यवाही की जाए

5. प्रशासन आदेशों की अवेहलना करते हुए आंद्रीकृत प्रदर्शन करते है । साथ ही अधिकारियों व पुलिस कर्मियों पर अभद्र टिप्पणी कर सोशल मीडिया पर डालते है ।

6. ऐसे लोग स्वयं कई मुकदमों में नामजद है इन लोगों के सभी थानों में क्रिमिनल हिस्ट्री है । इसमें उचित कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राजा ठाकुर, जरौआ मधुकर सिंह, गजेंद्र सिंह, अनित सिंह, सत्यम, शिवम, लवकुश तिवारी, सोमेंद्र, भरत पांडेय, ईशांत सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, कृष्ण गोपाल अवस्थी, राजेश कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

इग्नू ने प्रवेश एवं पुनः पंजीकरण करने की अन्तिम तिथि 15 तक बढ़ाई।

इग्नू प्रवेश एवं पुनः पंजीकरण करने की अन्तिम तिथि 15  तक बढ़ाई।












लखनऊ: इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने जनवरी 2026 सत्र में स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा एवं स्नातकोत्तर डिप्लोमा में प्रवेश लेने की अन्तिम तिथि 15 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही जनवरी 2025 सत्र में स्नातक एवं परास्नातक स्तर के छात्रों के लिए अगले वर्ष, सेमेस्टर में प्रवेश लेने हेतु पुनः पंजीकरण की अन्तिम तिथि भी 15 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी गयी है। इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ० अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि इग्नू मुक्त, दूरस्थ एवं डिजिटल मोड से उच्च शिक्षा प्रदान करने का एक अग्रणी केन्द्रीय विश्वविद्यालय है और ऐसे कोई भी अभ्यर्थी जो अपने ज्ञान और कौशल का सम्वर्धन उच्च शिक्षा के माध्यम से करना चाहते हैं, वे इग्नू में प्रवेश लेकर अपने करियर एवं भविष्य को नई ऊचाँई प्रदान कर सकते हैं। डॉ० मिश्र ने बताया कि जनवरी 2026 सत्र में इग्नू ने डेटा साईन्स एवं एनालिटिक्स में विज्ञान परास्नातक (एम.एससी. इन डाटा साइंस एंड एनालिटिक्स में- एमएससीडीएसए) का नया कार्यक्रम आरम्भ किया है। ऐसे वे कोई विद्यार्थी जो इस क्षेत्र में अपना ज्ञान सम्वर्धन करके करियर बनाना चाहते हैं, वे 15 फरवरी तक ऑनलाईन माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। उप-निदेशक डॉ० अनामिका सिन्हा ने बताया कि इग्नू के माध्यम से कोई भी 10 सें 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 04 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, 03 वर्षीय ऑनर्स स्नातक कार्यक्रम तथा 03 वर्षीय बहुविषयक कला, विज्ञान एवं वाणिज्य में स्नातक उपाधि में प्रवेश ले सकते हैं। इग्नू में प्रवेश हेतु टी०सी० या माईग्रेशन की आवश्यकता नहीं है एवं इग्नू बहुत ही कम मूल्य में गुणवत्ता युक्त उच्च शिक्षा प्रदान करता है। अभ्यर्थी को ऑनलाईन माध्यम से आवेदन करने हेतु अपने शैक्षिक योग्यता सम्बन्धित मौलिक प्रमाण-पत्र, फोटो एवं हस्ताक्षर को अपलोड करना होगा। इग्नू के द्वारा विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री दी जाती है और साथ ही अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन में सहायता भी प्रदान की जाती है। इच्छुक अभ्यर्थी 15 फरवरी 2026 तक ऑनलाईन लिंक एचटीटीपीएस: इग्नूएडमिशन.समर्थ.एडु.इन के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।

विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया

 बीसलपुर में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित  किया गया 


पीलीभीत। विराट हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन बीसलपुर तहसील के गांव जल्लापुर में मंगलवार को एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित  किया गया इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की एकता संस्कृति चेतना और संघटनात्मक मजबूती पर जोर देना था विराट हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में हिंदू समाज को संगठित होकर श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए किया गया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित कर किया गया आयोजित समिति ने मुख्य अतिथियों को पटका ओढाकर सम्मानित किया आयोजकों ने बताया कि इसका लक्ष्य समाज को संगठित करना और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना है।
 कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ रामसेवक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है उन्होंने वर्तमान समय में सामाजिक चेतना को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बोल दिया सम्मेलन के दौरान हिंदू सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रीय हित से जुड़े विभिन्न विचारों पर चर्चा की गई उपस्थित लोगों ने एकजुटता बनाए रखने और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने का संकल्प लिया यह आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ सम्मेलन में महंत योगी हनुमान नाथ महाराज ने कहा कि संपूर्ण हिंदू समाज को जागृत होकर देश की आसुरी शक्तियों का नाश करने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर रामसेवक शर्मा ने की ।
सह विभाग संपर्क रवि शरण ने संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि घर परिवार में संस्कारों की नींव माता द्वारा रखी जाती है उन्होंने हर घर में पांच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन सामाजिक समर्थ पर्यावरण स्वदेशी का बोध और नागरिक कर्तव्यों का पालन करने का आहान किया  निवर्तमान जिला अध्यक्ष  रामसेवक शर्मा सचिव धर्मपाल गंगवार पूर्व सैनिक पोशाकी लाल, अमनदीप सहखंड कार्यवाहक अजीत जिला शारीरिक प्रमुख सर्वेश खंड प्रचारक जानकी प्रसाद ग्राम प्रधान सुमन गंगवार राजकुमार झंझन लाल, पुष्प कुमार मंडल कार्यवाहक व हिंदू संगठन के लोग मौजूद रहे।

किडनी स्टोन में कारगर होम्योपैथिक औषधियां

किडनी स्टोन में कारगर होम्योपैथिक औषधियां



लखनऊ: आज की भाग दौड भरी जिंदगी में पथरी की समस्या आमतौर पर सुनने को मिल जाती है। किडनी स्टोन यानी की गुर्दे की पथरी का दर्द असहनीय होता है। इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारत में फिलहाल 5 करोड़ से ज्यादा पथरी के मरीज हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित सैकड़ों पुस्तकों के लेखक विश्व प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. भास्कर शर्मा के मुताबिक  किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी जिसे मेडिकल भाषा में रीनल कॅल्क्युली, यूरोलिथियासिस या नेफ्रोलिथियासिस भी कहा जाता हैं। पेशाब में कई घुले हुए खनिज और साल्ट्स होते हैं। जब आपके पेशाब में इन खनिजों और साल्ट्स का स्तर बढ़ जाता है, तो आपके गुर्दे में पथरी बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं। वैसे तो किडनी स्टोन का आकर छोटा होता हैं लेकिन समय के साथ उपचार ना करने पर इसका आकर बढ़ भी सकता हैं। जब कुछ पथरी किडनी में रह जाती है तो वह आपको ज्यादा समस्या नहीं देती लेकिन कभी-कभी, गुर्दे की पथरी मूत्रवाहिनी (यूरेटर), गुर्दे और मूत्राशय  के बीच की नली अटक जाती हैं। यदि पथरी मूत्राशय तक पहुँच जाती है, तो यह पेशाब के द्वारा शरीर से बाहर निकल सकती है। यदि पथरी मूत्रवाहिनी में जमा हो जाती है, तो यह उस गुर्दे से पेशाब के प्रवाह को अवरुद्ध कर देती है और किडनी में दर्द का कारण बनती है।9 फीसदी लोगों को जीवन में पथरी से एक बार जरूर जूझना पड़ता है। एक बार पथरी निकल जाने के बाद बार-बार होने की संभावना भी रहती है, इसलिए इस बीमारी के खिलाफ सावधानी ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। आम तौर पर पथरी शरीर में दो ही जगह होती है, गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) और किडनी। गॉल ब्लैडर की तुलना में किडनी में बहुत ज्यादा लोगों को पथरी की समस्या होती है। सिद्धार्थनगर के होम्योपैथिक चिकित्सक डा.भास्कर शर्मा बताते हैं किडनी में 90 फीसदी लोगों को कैल्शियम ऑक्जलेट पथरी होती है और इसकी वजह खान-पान और कम पानी पीना होता है। कैल्शियम ऑक्जलेट के अलावा कुछ लोगों को यूरिक एसिड और फॉस्फेट पथरी भी होती है। यूरिक एसिड पथरी की वजह अधिक प्रोटीनयुक्त भोजन हो सकती है और फॉस्फेट पथरी दूध और दूध से बनी चीजों के ज्यादा सेवन से।  स्ट्रुवाइट स्टोन आमतौर पर मूत्र पथ के संक्रमण के परिणामस्वरूप होते हैं। सिस्टिनुरिया नामक वंशानुगत विकार वाले लोगों को इस प्रकार के किडनी की पथरी विकसित होने का खतरा होता है। सिस्टिनुरिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुर्दा एक विशिष्ट अमीनो एसिड की अधिक मात्रा में स्रावित करता है। यूरिक एसिड स्टोन चयापचय की स्थिति वाले लोग, मधुमेह, और आनुवंशिक कारक, जो उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ खाते हैं उन्हें यूरिक एसिड पत्थरों का खतरा होता है। डा.भास्कर शर्मा ने गुर्दे की पथरी बनने के मुख्य कारण कम मात्रा में पानी पीना। ऐसा आहार लेना जो प्रोटीन, सोडियम और चीनी से भरपूर हो। गुर्दे की पथरी का पारिवारिक इतिहास होना। आप अधिक वजन से पीड़ित हैं, सूजन आंत्र रोगों से पीड़ित, आपके गुर्दे में उच्च मात्रा में कैल्शियम और अन्य खनिजों का जमा होना, आप पहले गुर्दे की पथरी से पीड़ित रहे हैं, कुछ दवाओं के सेवन से किडनी में पथरी हो सकती है, पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से पीड़ित हैं पथरी होने की प्रबल संभावना होती है। डा. भास्कर शर्मा ने लक्षणों का खुलासा करते हुए कहा कि यदि आपके किडनी स्टोन का आकार छोटा हैं, तो वह आपके पेशाब के माध्यम से आसानी से निकल सकता हैं, और ऐसे में आपको कोई लक्षण नहीं दिखेगा। लेकिन यदि आपके गुर्दा पथरी का आकार बड़ा हैं तो आपको पेशाब करते समय दर्द महसूस होना, आपके पेशाब में खून का आना, पेशाब का बार बार आना, आपकी पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, बुखार आना, जी मिचलाना और उल्टी होना आदि लक्षण देखने को मिलते है। डा. भास्कर शर्मा ने यह भी कहा कि घरेलू उपचार में आप लेमन जूस, अनार का जूस, एप्पलसाइडर विनेगर, गेहूं के ज्वार का जूस, राजमा शोरबा, ढेर सारा पानी पीना, कम नमक का सेवन से, इसके अलावा आप अदरक, आंवले, निम्बू और फलो के जूस लेने से नए पथरी को बनने से रोकने में मदद करते है। डा. भास्कर शर्मा ने कहा कि पालक, भिंडी, फ्रेंच फ्राइज़, रास्पबेरी, शकरकंद, बादाम ऐसे कुछ आहार हैं जो गुर्दे की पथरी को बढ़ाता हैं इन्हें ना खाएं। डॉक्टर भास्कर शर्मा ने होम्योपैथिक औषधियों में हाइड्रेंजिया, परेरा ब्रावा, कैंथारिस, लाइकोपोडियम, सरसापैरिला, कैलकेरिया कार्ब, आदि औषधि के सेवन से पथरी से छुटकारा पाया जा सकता है।

भारी अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुआ ‘बूगी वूगी–2’ महोत्सव विलौबी मेमोरियल हॉल में दो दिवसीय आयोजन, बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन लखीमपुर खीरी।

भारी अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुआ ‘बूगी वूगी–2’ महोत्सव विलौबी मेमोरियल हॉल में दो दिवसीय आयोजन, बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन लखीमपुर खीरी।


शहर के विलौबी मेमोरियल हॉल में आयोजित दो दिवसीय ‘बूगी वूगी–2’ महोत्सव आज सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद ओझा द्वारा किया गया। हालांकि, रंगारंग प्रस्तुतियों और बच्चों की प्रतिभा के बीच कार्यक्रम में कई गंभीर अव्यवस्थाएं भी सामने आईं, जो आयोजन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों को पानी के लिए इधर-उधर भटकते देखा गया, जिससे अभिभावकों में नाराजगी देखी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चों को दिए गए मोमेंटो पर कहीं भी ‘बूगी वूगी–2’ का नाम अंकित नहीं था, बल्कि साधारण मोमेंटो ही प्रदान किए गए, जिससे आयोजन की पहचान पर भी प्रश्नचिह्न लगा।इसके अलावा कार्यक्रम को बीच-बीच में रोककर सम्मान पत्र वितरण किया गया, जिसके चलते मनोरंजन के उद्देश्य से आए अतिथियों में अफरा-तफरी और असहजता की स्थिति बन गई। दर्शकों का ध्यान बार-बार भंग होने से कार्यक्रम की लय प्रभावित हुई।इन अव्यवस्थाओं के बावजूद बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया। बच्चों के गायन और नृत्य ने सभागार में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और जमकर तालियां बटोरीं।कार्यक्रम में अजमानी इंटरनेशनल स्कूल की मैनेजिंग डायरेक्टर, शिशु वाटिका मंदिर के प्रधानाचार्य हीरा सिंह, समाजसेवी राम मोहन गुप्ता, मयूरी नगर से रश्मि महेंद्र सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की कुल मिलाकर, ‘बूगी वूगी–2’ महोत्सव बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों के लिए याद किया जाएगा, लेकिन आयोजकीय अव्यवस्थाएं भविष्य में सुधार की स्पष्ट मांग करती नजर आईं

आर्दभूमि व पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में छात्र एवं छात्राओं क़ो किया जागरूक

आर्दभूमि व पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में छात्र एवं छात्राओं क़ो किया जागरूक 


जनपद संभल के बिकास खंड गुन्नौर के बिचपुरी सैलाव (नरौरा वेटलेंड)में दिनांक 02/02/2026 को इंटरनेशनल वेटलैंड दिवस 2026 के अवसर पर  नेचर एवं बर्ड फेस्टिवल  2026  का आयोजन ग्राम बिचपुरी सैलाब  (नरौरा वेटलैंड ) में किया गया। कार्यक्रम मे डीएवी इंटर कॉलेज  गुन्नौर के छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को  आर्द्रभूमि के संरक्षण के महत्व के बारे में बताया व विभिन्न पर्यावरण मुद्दों के बारे में जागरूक किया गया। विद्यार्थीयो को विभिन्न प्रकार के पक्षियों को दिखाया व उनके बारे में बताया गया। कार्यक्रम के समापन के पश्चात डीएवी इंटर कालेज  में ड्राइंग प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में कक्षा  6,7 व 8 की छात्राएं शामिल हुई तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रीती यादव,प्रभागीय वनाधिकारी सम्भल इस अबसर पर, क्षेत्रीय वन अधिकारी ब्रजमोहन गुन्नौर रेंज तथा मनोज कुमार क्षेत्रीय वन अधिकारी, सम्भल व समस्त स्टाफ तथा डीएवी इंटर कलेज के प्रधानाचार्य व समस्त स्टाफ मौजूद रहें!