*अधिवक्ता की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप*
*राष्ट्र नमन समाचार अयोध्या से ब्यूरो चीफ शिव किशोर शुक्ला के साथ सुरजीत शर्मा की रिपोर्ट*
*अयोध्या*
डेंगू पीड़ित अधिवक्ता की जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिवारीजनों ने चिकित्सक व स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवारीजनों का कहना है कि लापरवाही से इंजेक्शन लगाने की वजह से ही अधिवक्ता की मौत हुई। इसको लेकर जिला चिकित्सालय में खासा हंगामा भी रहा। परिवारीजनों को समझाने में पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज होने के बाद परिवारीजन शांत हुए।
अधिवक्ता शेषनारायण तिवारी (38) इनायतनगर थाना क्षेत्र के कदनपुर गांव के निवासी थे। मौजूदा समय में वे शहर में शिवनगर कालोनी में रह रहे थे। मंगलवार दोपहर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अधिवक्ता के पुत्र आशीष तिवारी का कहना है कि पिता को इंजेक्शन लगने के बाद ही उनकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने चिकित्सक डॉ. सत्येंद्र सिंह व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लापरवाही की वजह से ही अधिवक्ता की मौत हुई। उनकी मृत्यु की खबर पाकर बुधवार को परिवारीजन व बड़ी संख्या में अधिवक्ता अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित परिवारीजन गेट के सामने धरने पर बैठ गए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, मंत्री धनुषजी श्रीवास्तव, अधिवक्ता वाईबी मिश्र व सबीह रिजवी चिकित्सालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए। नगर कोतवाल नीतीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक के भतीजे लालजी तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल ने किया, जिसकी वीडियोग्राफी कराई गई है। इस मौके पर एसपी सिटी विजयपाल सिंह, सीओ सिटी निपुण अग्रवाल, सिटी मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश, प्रशिक्षु सीओ रुचि गुप्ता आदि थे।