राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत...... परिवहन विभाग ने दिए शिक्षार्थी व स्थायी लाइसेंस आवेदकों को सड़क संकेतको व सड़क सुरक्षा के टिप्स एआरटीओ प्रशासन ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

 राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत......


परिवहन विभाग ने दिए शिक्षार्थी व स्थायी लाइसेंस आवेदकों को सड़क संकेतको व सड़क सुरक्षा के टिप्स


एआरटीओ प्रशासन ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ


लखीमपुर खीरी 28 जनवरी 2021। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को आठवें दिवस परिवहन कार्यालय के रोड सेफ्टी अवेयरनेस हाल में शिक्षार्थी व स्थायी लाइसेंस आवेदकों को वीडियो एवं अन्य माध्यम से सड़क सुरक्षा, सड़क पर लगे संकेतक चिन्हों के संबंध में जागरूक किया।


कार्यक्रम का शुभारम्भ एआरटीओ (प्रशासन) आलोक कुमार ने किया। एआरटीओ (प्रशासन) ने उपस्थित लाईसेंस के आवेदकों को संकेतक चिन्हों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की। जिसमें खतरे के संकेतक चिन्ह, सुरक्षा के संकेतक, सावधानी के संकेतक चिन्ह तीनों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की। एआरटीओ (प्रवर्तन) रमेश कुमार चौबे ने उपस्थित सभी लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलायी। 

कार्यक्रम में एआरटीओ (प्रवर्तन) रमेश कुमार चौबे, यात्रीकर अधिकारी श्रीराम कश्यप, टी.एस.आई.सूर्यमणि यादव एवं कार्यालय के कर्मचारियों तथा प्रवर्तन सिपाहियों सहित कुल 200 से भी ज्यादा लोग उपस्थित हुये। 

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*परिवहन विभाग ने ग्रामीण अंचलों में चलाया चेकिंग अभियान, किया चालान* आमजन को किया यातायात नियमों के प्रति जागरूक*


एआरटीओ (प्रवर्तन) रमेश कुमार चौबे ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निघासन ढखेरवा शारदा नगर बैराज सैधरी बाईपास कोयल समेत अन्य कई ग्रामीण अंचलों में बड़े स्तर पर हेल्मेट, सीटबेल्ट की चेकिंग की। इस दौरान उनके साथ यात्रीकर अधिकारी श्री राम कश्यप एवं टी.एस.आई. सूर्यमणि यादव मौजूद रहे।परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यातायात नियमों का पालन ना करने वाले वाहन स्वामियों को बताया कि किस तरह से हेल्मेट से सर पर लगने वाली चोटों का बचाव हो सकता है। ताकि दुर्घटना होने पर वाहन स्वामी को कोई भी जानलेवा चोट न लगे तथा सीटबेल्ट के लाभ बताये कि किस प्रकार सीट बेल्ट लगाने से रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है, अचानक झटका लगने पर रीढ़ की हड्डी में कोई चोट नहीं लगती है। तथा दुर्घटना होने पर सर में चोट लगने की संभावना भी कम रहती है। अन्य कई-कई प्रकार की जानकारी दी गई। तथा भविष्य में इनका सदैव प्रयोग करने को बताते हुए इनका प्रयोग न करने वालों के चालान भी किये गये।