*सिविल जज कोर्ट नंबर 13 बाराबंकी श्रीमान जीशान खान महोदय ने शहर कोतवाल अमर सिंह व नायब तहसीलदार को न्यायालय की अवमानना मे सजा*
*सिविल जज कोर्ट नंबर 13 बाराबंकी श्रीमान जीशान खान महोदय ने शहर कोतवाल अमर सिंह व नायब तहसीलदार को न्यायालय की अवमानना मे सजा*
वाद मोहम्मद आलम बनाम मुबीन रेगुलर सूट नंबर 224/2021 के प्रकरण में कंटेंप्ट से है अर्थात कन्टेम्ट आफ कोर्ट मानते हुए श्रीमान जीशान खान महोदय ने शहर के कोतवाल श्री अमर सिंह को हिरासत में ले लिया।उक्त वाद में 39(2)aजो Short criminal proceeding है। विद्वान अधिवक्ताओं में चर्चाएं अलग-अलग हैं। विद्वान अधिवक्ताओं के वर्ग में उत्साह है जिले का प्रशासन तहसीलदार क्षेत्राधिकारी सहित सभी कचेहरी परिसर में है। विषय पर टिप्पणी करने से सभी बच रहे हैं क्योंकि मामला न्यायालय का है तथा कंटेंप्ट से संबंधित तथा कोतवाल को नोटिस।भूमि आलापुर कुरौली की है।प्रकरण मे नियम39(2)C.p.c.जो कि क्रिमिनल प्रोसिडिंग है।मामला सिविल प्रोसिडिंग से सम्बन्धित स्टे है तथा न्यायालय की अवमानना के बाद भी श्रीमान एस0 डी0 एम0 महोदय ने इसी प्रकरण में स्टे कर दिया जो बिधि विरूद्ध है।क्या सीपीसी के ऑर्डर 39 नियम 2ए लागू करने के लिए 'जानबूझकर' निषोधाज्ञा की अवज्ञा होनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसले पर संदेह जताया। कोतवाल को तीन दिन कारावास व120रु जुर्माना व एक माह नायब तहसीलदार को सुनायी गयी।
अग्रिम जमानत भी नही मंजूर हुई ,ऐतिहासिक निर्णय सिविल कोर्ट का ।सिविल कोर्ट के आदेश को तवज्जो नही दिया जाता था कम से कम अब तवज्जों तो देंगे अधिकारी महोदय लोग ।
आशुतोष कुमार ब्यूरो चीफ रिपोर्ट
