*बिसंडा ब्लॉक प्रमुख के खोए डोंगल और फर्जी कागजात का प्रयोग कर क्षेत्र पंचायत विकास निधि खाते से 21 लाख रुपए निकाल लिए गए।*

 *बिसंडा ब्लॉक प्रमुख के खोए डोंगल और फर्जी कागजात का प्रयोग कर क्षेत्र पंचायत विकास निधि खाते से 21 लाख रुपए निकाल लिए गए।*


 *इसकी जानकारी जब ब्लॉक प्रमुख को हुई तो उन्होंने बीडीओ सहित चार को नामजद करते बिसंडा थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, गालीगलौज-धमकी और एससी-एसटी एक्त में एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर एडीजी जोन के आदेश पर हुई।*


ब्लॉक प्रमुख शंभूप्रसाद के मुताबिक, दो नवंबर को ब्लॉक गया था। वापसी में हैंडबैग गिर गया, जिसमें डोंगल और जरूरी कागजात थे। आरोप है कि हैंडबैग ओरन निवासी अभिषेक, कुलदीप, इंद्रजीत सिंह उर्फ जीतू निवासी रानीपुर को मिल गया था। तीनों ने बीडीओ की मिलीभत से कूटरचित कागजात तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर कर विकास निधि खाते से तीन नवंबर को 21 लाख रुपए निकाल लिए। इसकी जानकारी हुई तो बीडीओ से बात की। उन्होंने कहा कि कोई धनराशि नहीं निकाली गई है। बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो धनराशि निकासी की पुष्टि हुई। 18 नवंबर को मामले में सीडीओ से मुलाकात करने जा रहा था, तभी आरोपितों ने धमकी दी कि अगर उच्चाधिकारी से शिकायत की तो जान से मार देंगे। गालियां देते हुए अभिषेक ने निजी पिस्टल कनपटी में लगा दी। घसीटते हुए काले रंग की चार पहिया गाड़ी में ले गए। हल्ला-गुहार सुनकर मोनू सिंह सहित कुछ परिचित मदद के लिए दौड़े तो आरोपित भगा निकले। मामले की शिकायत करने 19 नवंबर को एसपी कार्यालय पहुंचा। लेकिन वहां मुलाकात नहीं हुई। इसपर ब्लॉक प्रमुख सीधे एडीजी जोन के पास पहुंचे, जहां पूरा मामला बताया। उनके आदेश पर आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट