*महोबा*
*जिले मे शिक्षा व्यवस्था धड़ाम*
*महोबा से सत्येन्द राजपूत की रिपोर्ट*
*चलिए रूबरू होते जिले के अंधे, गूगे, बहरे शिक्षण व्यावस्था से और उनके कर्तब्यनिष्ठो से* ,
*कांशीराम कॉलोनी राठ रोड महोबा मे गरीब आवासीय योजना का निर्माण होते ही गरीबो के शिक्षा हेतू भव्य विद्यालय का निर्माण भी हुआ और काफी लागत से विद्यालय बनाए गए किंतु दुर्भाग्य अध्यापक के रूप मे मुसव्विर खान आये जिनको काला अक्षर भैंस बराबर कहे तो अतिशयोक्तिपूर्ण नही,*
*जो शिक्षण कार्य मे बच्चों के भविष्य को दानव बनकर निगल रहे*
*कहने को एक अध्यापिका भी तैनात है जो पूरनमासी का चांद है कभी कभी घूमने के विचार से स्कूल देखने आती है*
*शिक्षण कार्य से अध्यापको का कोई वास्ता नही निचली कक्षाओ का तो नाम न ले कक्षा 6,7,8 के बच्चो को नही आता पुरा अ,आ,अंग्रेजी, गणित का तो नामोनिशान नही यहा तक कि प्रदेश के मुखिया का नाम तक पता नही*
, *अब परीक्षार्थी मोबाइल और गाइडो से देखकर दे रहे परीक्षा, कुछ बच्चे घर पर कापी ले जाकर लिखवाकर जमा कर जाते*
*आज तक विद्यालय निर्माण के बाद से जमे मुसव्विर खान साहब ने बच्चो का भविष्य घोर अंधकार मे ढकेल दिया, और हर महीने उच्च क्या निरीक्षण करते ईश्वर मालिक लिया दिया सैटिंग की चैन मजबूत और खाओ खिलाओ चैन की वंशी बजाओ,* *मिडडे मील तो सम्पूर्ण मुसव्विर खान साहब को नही पूजती बच्चे क्या खाये*
*बच्चो को दिये जाते 10-10 रूपये झूठ बोलने के अगर कोई आया तो बताये सब ठीक ठाक*
*अधिकतर गरीब अपने बच्चो को बाहर के स्कूलो मे मजबूर हो शिक्षा दिला रहे*
*महोबा मे भ्रष्टाचार का दीमक बच्चो के भविष्य चट कर रहा*
*खाओ खिलाओ मौज उडाओ की नीति पर महोबा जिला की शिक्षा व्यवस्था*
*योगी महाराज की सारे आदेश महोबा मे बेअसर*
