रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस भूले सूबे के मुखिया, अवसर वादियों को आईना दिखाते हुए पत्रकार एवं समाज सेवी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में मनाया गया बलिदान दिवस

अवसर वादियों को आईना दिखाते हुए पत्रकार एवं समाजसेवी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में मनाया गया रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस

बांदा की जिस बेटी के नाम से बांदा मेडिकल कॉलेज का नाम है उस बेटी का बलिदान दिवस मनाना ही भूल गए बीजेपी के फर्जी राष्ट्रवादी लोग

बांदा

आज बांदा अशोक लॉट ऐतिहासिक स्थल बांदा में रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाया गया ।भारतीय जनता पार्टी के लीडर एवं सूबे के मुखिया बुंदेलखंड के वीरांगनाओं का नाम सिर्फ वोट लेने के लिए इस्तेमाल करते हैं बहुत बड़े राष्ट्रभक्त और देशभक्त समझने वाली पार्टी के लोग आज बांदा एवं बुंदेलखंड की बेटी का बलिदान दिवस मनाना ही भूल जाते हैं बांदा मेडिकल कॉलेज का नाम तो बड़े गर्व से सूबे के मुखिया ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रख दिया लेकिन सूबे के मुखिया ही भूल गए।

 रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनाना बड़े शर्म की बात है यह जैसा कि सभी को मालूम है 24 जून 1564 राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को बलिदान कर दिया था ।कालिंजर के राजा किर्तिराय चंदेल के घर 5 अक्टूबर 1524 को दुर्गा अष्टमी को एक बेटी ने जन्म लिया दुर्गा अष्टमी के दिन जन्म लेने से उनका नाम वीरांगना रानी दुर्गावती रखा गया था कालिंजर राज की बेटी ने विश्व के इतिहास के पन्नों पर बांदा का नाम दर्ज कराने वाली बेटी चंदेल राजकुमारी महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर याद करते हुए सभी नारी जाति के प्रेरणा स्रोत जिस तरह रानी दुर्गावती ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा या अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है उसी तरह हर नारी को अपने अदम्य साहस का परिचय देना जरूरी हैै।

रानी दुर्गावती ऐसी नारी शक्ति थी जिन्होंने अपने प्राण स्वयं से लिया था लेकिन अपने जीते जी दुश्मनों को अपना शरीर छूने नहीं दिया। कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार समाजसेवी समाजसेवी शालिनी सिंह पटेल , समाजसेवी राजेश राष्ट्रवादी, जितेंद्र सिंह खंगार, शिशिर सोनी , पूर्व उपाध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज बांदा दीनानाथ प्रजापति , हरिश्चंद्र खंगार , दिवाकर सिंह खंगार , रमेश सिंह खंगार, शिवम् दीक्षित , कल्लू साहू, पन्नालाल आदि लोग मौजूद रहे।