जनपद शाहजहांपुर में पीएम आवास योजना में चल रहा वसूली का खेल, प्रधान व सेक्रेटरी पर आरोप
प्रधानमंत्री आवास योजना के होते हुए सुजानपुर में दर्जनों दलित परिवार झोपड़ी और पन्नी में रहने को मजबूर
संपादक जितेंद्र कुमार कश्यप के साथ उत्तर प्रदेश ब्यूरो हैड नीतू कश्यप की विशेष रिपोर्ट
****ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर, डीएम से गांव आने की मांग ***
खुटार(शाहजहांपुर)
जहां पूरे देश ने गणतंत्र दिवस मनाया। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया। देश के प्रत्येक नागरिक को हक और अधिकार के साथ- साथ देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान बनाया गया। तो वही विकास खण्ड क्षेत्र के दलितो के गांव सुजानपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना तहत दर्जनों पात्रों का आरोप है कि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी सहित एडीओ ने सुविधा शुल्क न मिलने पर अपात्र घोषित कर पीएम आवास योजना से वंचित कर दिया। बताते चले की प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में झोपड़ी व पन्नी डाल कर रहने वाले मजदूर आवासविहीन लाभार्थियों को पीएम आवास आवंटित किये जाते है। लेकिन सरकार की मंशा के विपरीत काम करने वाले प्रधान व सेके्रटरी योजना की वाट लगाने में जुटे है। और वसूली का खेल बड़ी तादात में चल रहा है। गरीब परिवार सुधिवा शुल्क नही दे पाते है तो उन्हे आवास योजना से वंचित कर दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी सहित एडीओ के खिलाफ नारेबाजी की और डीएम शाहजहांपुर से गांव आकर हकीकत देखने और पात्रों को आवास दिलाने की मांग की है।
बाक्स- झोपड़ी और पन्नी वाले घरो में छूट्टा जानवरो से जान का खतरा
बता दे कि सुजानपुर में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग रहते है। जिनके घर झोपड़ी और पन्नी के बने है। इन घरो में दरवाजे तक नही है। लकड़ी लगाकर लोग अपनी सुरक्षा करते है। अगर रात में कोई आवारा छूट्टा जानवर घर में घुस जाये तो जान का खतरा भी बना रहता है। दलित एमपी, एमएलए फिर भी दलितों के गांव में नाली सड़कों की दुर्दशा, घरो में पानी जलजमाव करने को मजबूर, बीमारियां उत्पन्न होने का खतरा
बताते चले कि पुवायां विधानसभा से दलित समाज से ही चेतराम विधायक है। तो वही लोकसभा शाहजहांपुर से दलित समाज के ही अरूण कुमार सागर सांसद है। और देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार है। फिर भी दलितों के इस गांव में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्राम प्रधान पर दलितो की उपेक्षा करने का भी आरोप, प्रधान ने बाबा साहब की मूर्ति हटवाने का किया था प्रयाससुजानपुर के ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान सतनाम सिंह दलितों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। ग्राम प्रधान ने गांव में पंचायत भवन व सरकारी स्कूल के पास संविधान निर्माता और दलितों के मसीहा कहे जाने वाले बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर और गौतम बुद्ध की प्रतिमा को भी हटवाने का प्रयास किया था। मामला तूला पकड़ा तो ग्राम प्रधान ने मूर्ति वही लगी रहने दी थी। और मूर्ति स्थल का सौंदर्यीकरण कराने की जिम्मेदारी ली। लेकिन मूर्ति स्थल पर आज तक कोई निर्माण नही कराया गया है। जिस से ग्रामीणों में रोष है।
इंटर लाॅक में भी घपला, आधी अधूरी बनाकर किया घोटाला
सुजानपुर में वर्ष 2022-23 में ही मातादीन के मकान से नन्दराम के मकान तक इंटरलाॅक निर्माण कार्य मनरेगा से कराया गया। लेकिन नन्दराम के मकान तक निर्माण पूरा नही है। और तय दूरी तक निर्माण के साथ नाली भी नही बनवायी गयी है। जिससे ग्रामीण अपने घरो का पानी सड़क पर बहा रहे है। और निर्माण कार्य कागजों में पूरा करके पूरा रूपया निकाल लिया गया है।
जिम्मेदारो का कहना-
ग्राम प्रधान सतनाम सिंह ने बताया कि ग्रामीणों का आरोप गलत और निराधार है। प्रधानी के चुनाव के बाद से ही सुजानपुर के लोग शिकायत कर रहे है। दबाव बनाकर आवास और सरकारी योजनाओं का लाभ चाहते है। जो मिलना संभव नही है।
सेके्रटरी, ओम पाल गंगवार ने बताया कि संयुक्त तीन सदस्यीय कमेटी के साथ जांच की है जो भी पूर्ण रूप से पात्र है उन्हे आवास का लाभ दिया जायेगा। आरोप निराधार है। इंटर लाॅक निर्माण के घोटाले की जानकारी नही है। गोलमोल जबाव देकर भ्रष्टाचार पर डाल दिया पर्दा।
