जिलाधिकारी की पड़ताल में पकड़ा गया फर्जी लेखपाल, लेखपाल बनकर लोगों से करता था ठगी

जिलाधिकारी की पड़ताल में धरा गया फर्जी लेखपाल, लेखपाल बनकर लोगों से करता था ठगी

हरदोई । जनपद में तहसील दिवस के दौरान एक महिला ने पैसे लेकर लेखपाल जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाने की शिकायत लेकर आई जिसके बाद जिलाधिकारी ने पैसे देने के बाद भी जाति प्रमाण पत्र न बनने की शिकायत की पड़ताल कराई तो पता चला कि जिस शख्स ने पैसे लेकर रिपोर्ट लगाई थी, वह लेखपाल है ही नहीं। जांच गहराई की जाने पर पता चला कि रिपोर्ट लगाने वाला शख्स फर्जी लेखपाल था। जांच के बाद पुलिस ने फर्जी लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, शुक्रवार को सदर तहसील में तहसील दिवस के दौरान डीएम मंगला प्रसाद सिंह व एसपी नीरज कुमार जादौन जन-सुनवाई कर रहे थे। उसी बीच एक महिला डीएम के पास पहुंची और उनसे शिकायत की। अपनी शिकायत में महिला ने बताया कि उसने जाति प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल को तीन सौ रुपये भी दिए लेकिन अभी तक उसका जाति प्रमाण पत्र नहीं बना है। 

इस शिकायत पर डीएम ने पड़ताल कराई तो सामने आया कि जिस शख्स ने लेखपाल बन कर रिपोर्ट लगाई वह लेखपाल है ही नहीं। डीएम ने उस शख्स को बुला कर उससे पूछताछ की, पहले तो उसने अपना नाम नीरज निगम बताया, फिर उसके बाद नीरज कुमार बताया। फिर उसने खुद को एक टीवी चैनल का रिपोर्टर तक बता डाला, जिस पर डीएम ने डीआईओ से उसके बारे में पूछा जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार से पूछा तो उसकी बात झूठी निकली। 

सारी जानकारी करने के बाद पता चला कि नीरज कुमार इसी तरह से फ्राड करता घूमता था। इससे पहले वह प्रोबेशन अधिकारी के पास पहुंच कर खुद को सप्लाई इंस्पेक्टर भी बता चुका था। डीएम के आदेश पर पुलिस ने फर्जी लेखपाल को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। वह सभी अधिकारी मौजूद रहे।