ASP के सामने हाथ जोड़ कर दंडवत हो गये विधायक जी... हाथ जोड़ कर कहा ASP साहब गुंडों से आप मुझे मरवा दीजिए..!!

 ASP के सामने हाथ जोड़ कर दंडवत हो गये विधायक जी... हाथ जोड़ कर कहा ASP साहब गुंडों से आप मुझे मरवा दीजिए..!!

 हैरान करने वाली एक घटना मध्यप्रदेश में हुई जब एक विधायक ने पुलिस अधिकारी के चरणों में गिर गए और कहां मुझे गुंडों से मरवा दीजीए।

यह घटना मऊगंज में हुई मध्य प्रदेश के मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल एएसपी अनुराग पांडे के सामने दंडवत हाे गए। हाथ जोड़कर कहने लगे कि एएसपी साहब, आप मुझे मरवा दीजिए। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामला बुधवार का है। विधायक अपने समर्थकों के साथ शाम करीब 4 बजे एएसपी से मिलने पहुंचे थे। वे बिना कुछ कहे एएसपी के केबिन में चले गए। इस दौरान केबिन में कुछ लोग भी मौजूद थे। विधायक को देखकर एएसपी भी खड़े हो गए। विधायक सीधे एएसपी के सामने हाथ जोड़कर दंडवत हो गए। इसके बाद वह चले गए। मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर लोड कर दिया जो वायरल हो गया।

विधायक प्रदीप पटेल ने जनता की सुरक्षा और नशे के कारोबार को बंद करने को लेकर कई पत्र भी प्रशासन को लिख चुके हैं पर कोई कार्यवाही नहीं होने से खिन्न हो गए।

एसपी बोलीं- नशे पर कार्रवाई के लिए टीम बनाई वहीं मऊगंज एसपी रसना ठाकुर का कहना है कि उन्हें वीडियो की जानकारी लगी है। विधायक ने पत्र दिया है। उन्होंने नशे का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई के लिए कहा है। गत दिनों से कार्रवाई की गई है। विधायक जी ने और जानकारी हमारे संज्ञान में लाई है। उसके लिए टीम का गठन किया है।एएसपी अनुराग पांडे के सामने इस तरह दंडवत हुए विधायक प्रदीप पटेल। - Dainik Bhaskarमंडल अध्यक्ष बोले- आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं मऊगंज के भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुलेंद्र गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। विधायक प्रदीप पटेल ने एएसपी से बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज होकर विधायक जनता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दंडवत हो गए।


इस विषय को लेकर विधायक प्रदीप पटेल ने हमारे संवाददाता को बताया की - "मऊगंज में नशे का कारोबार चरम पर है पूरा मऊगंज  जिला नशे की चपेट में है कोरेक्स, गंजा, शराब, स्मैक आदि नशे की बिक्री जोरों से चल रही है जिससे क्षेत्र में अराजकता फैली हुई है इस विषय को लेकर मैंने जिला प्रशासन को कई बार मौखिक रूप से व लिखित रूप से अवगत कराया और ठोस कार्यवाही की मांग की पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे मुझे व्यक्तिगत रूप से दुःख हुआ इसके अलावा कोई चारा नहीं बचा था ।"