लखनऊ अमीनाबाद में सटर के बाहर लगी दुकान बढ़ा बढ़ाकर लगे हुए हैं सफेद पट्टी के बाहर काउंटर थाना प्रभारी के मना करने पर उलझते हैं यहां दुकानदार, थाना प्रभारी सुनील कुमार आजाद और थाने की टीम से दुकानदार

लखनऊ अमीनाबाद में सटर के बाहर लगी दुकान  बढ़ा बढ़ाकर लगे हुए हैं सफेद पट्टी के बाहर काउंटर थाना प्रभारी के मना करने पर उलझते हैं यहां दुकानदार, थाना प्रभारी सुनील कुमार आजाद और थाने की टीम से दुकानदार।































लखनऊ अमीनाबाद पार्क वाली रोड पर  दुकानदार ने लगा रक्खी है सटर के बाहर रोडो पर बड़ा कर दुकानें बड़े बड़े लगा रक्खे हैं काउंटर यही नही अमीनाबाद थाने की टीम और थाना प्रभारी सुनील कुमार आजाद के समझाने पर भी नहीं कर रहे अपनी अपनी दुकानों को पीछे मना करने पर उलझ रहे हैं यहा पर के दुकानदार थाना प्रभारी सुनील कुमार आजाद उ0नि0 शैखर से, आज कुछ जामकी स्थिति को तो इनकी वजह से बढ़ावा मिल रहा इनकी कमी इनकी लापरवाही की वजह जो रोडो पर खड़े हुए वाहन कस्टमर के बीच रोड पट्टी के भाहर हदों के बाहर एक के बदले दो दुकान लगाए हुए नजर आते हैं डंडे बांधकर लटकता हुआ कोर्ट पैन्ट जब इनको इन्हीं सब चीजों के लिए कहा जाता है मना किया जाता है तब ये लोग व्यापार मंडल की धौंस देते हैं आला अधिकारी से शिकायत की बात करते हैं पर आज अगर ये अपनी कमियों को सही तरीके पूरा करें तो शायद कोई भी थाना चौकी के प्रभारी इनको न टोके न रोके पर यहां साहब कानून को लोग अपनी जेब के अन्दर रखकर घूमते हैं नगर निगम के आने पर नगर निगम के मना करने पर भी आगे बढ़ाकर लगाई जा रही है दुकानें क्यूं नहीं नगर निगम के आलाधिकारी क्यूं नहीं एसी पी कैसरबाग रत्नेश सिंह जी इनपर शिकंजा कस रहे आज देखा ये भी जा रहा है गरीब ठेले और गरीब पटरी दुकानदारों पर शिकंजा कसा जाता इन बड़ी बड़ी दुकानो पर शिकंजा क्यूं नहीं कसा जा रहा क्यूं क्यूं वो बड़े बड़े शोरूम वाले दुकानदार है बड़ी बड़ी दुकान वाले हैं कानून की किताब उनके लिए नही बनी गरीबों के लिए बनी है आज अगर इन दुकानदार पर शिकंजा कसते हैं थाना प्रभारी सुनील कुमार आजाद और चौकी प्रभारी तो दस लोगों को लेकर थाने चौकी पर तैनात हो जाते हैं फिर मामला शांत हो जाता है वहीं गरीब परिवार ठेले वाले गरीब पटरी दुकान वाले पर 151/34/का चालान किया जाता है साहब क्यूं नहीं वो गरीब परिवार को पालने वाले गरीब दुकानदार है वो रोडो पर दुकान लगाने वाले गरीब लोग हैं यही नहीं बड़े शौरूम के सामने किस तरह से बे तरतीब बीच रोड पर वाहन खड़े रहते हैं क्यूं नहीं आला अधिकारियों की शेर पड़ती है और जब इन लोगो के चालान करें जाते हैं तो यही लोग हिभड़ जाते हैं नगर निगम की टीम और थाने की पुलिस से अब देखना यह है क्या थाना प्रभारी जिस तरह से शिकंजा कस क्या ऐसे ही अपनी को अपनी टीम की मेहनत को सफल बनाएंगे क्या जामकी स्थिति को सुधार पाएंगे । अमीनाबाद मेंl