फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच पर लगे गंभीर आरोप: महिला ने लगाया रस्सी से उल्टा लटकाकर टॉर्चर करने का दावा
फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच पर लगे गंभीर आरोप: महिला ने लगाया रस्सी से उल्टा लटकाकर टॉर्चर करने का दावा
फरीदाबाद । हरियाणा के जनपद फ़रीदाबाद में क्राइम ब्रांच पुलिस पर एक महिला ने गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
उसे रस्सी से उल्टा लटकाकर पीटा गया और सिर पकड़कर पानी की बाल्टी में बार-बार डुबोया गया, जिससे उसकी नाक और मुंह में पानी भर गया। महिला के अनुसार, पूछताछ के समय केवल एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद थी, जबकि बाकी सभी पुरुष पुलिसकर्मी थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने गंदी-गंदी गालियां दीं और उसे लंबे समय तक पानी में डुबोकर रखने की धमकी देता रहा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला को भाजपा नेता के घर हुई चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था। महिला की ओर से यदि कोई औपचारिक शिकायत दी जाती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी।
परिवार संग वृंदावन गए थे भाजपा नेता
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर- 89 स्थित ऑनर्स होम सोसाइटी में रहने वाले भाजपा नेता हिमांशु शेट्टी ने बताया कि 12 जनवरी को वह अपने परिवार के साथ वृंदावन गए थे। शाम करीब छह बजे लौटने पर उन्होंने देखा कि उनके घर में चोरी हो चुकी है। अलमारी से सोने की तीन अंगूठियां, दो कान की बालियां, एक सोने की चेन और 12 हजार रुपये नकद गायब थे।
सीसीटीवी में महिला आती दिखी
हिमांशु शेट्टी के अनुसार, उनके वृंदावन जाने की जानकारी केवल घर में काम करने वाली मेड को थी। सोसाइटी की पार्किंग में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर फुटेज में एक महिला घर के अंदर जाती हुई दिखाई दी। इसके बाद पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बताया गया कि मेड ने ही उस महिला को घर से बाहर जाने की जानकारी दी थी।
मेड को पूछताछ के लिए ले गई पुलिस
शिकायत के बाद सेक्टर- 85 क्राइम ब्रांच पुलिस मेड को पूछताछ के लिए थाने ले गई। इसके बाद ही मेड ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के आरोप लगाए। पीड़िता सरोज मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और करीब पांच महीने पहले ही उसने व्यापारी के घर काम करना शुरू किया था। उसका पति भी सोसाइटी के पास ही चौकीदारी का काम करता है।
महिला ने लगाए ये आरोप
पीड़िता का कहना है कि पुलिस पहले उसे उसी सोसाइटी के एक मकान में ले गई, जहां वह काम करती थी। वहां कई पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी थी। इसके बाद उसे थाने चलने को कहा गया और एक निजी गाड़ी में सीआईए कार्यालय ले जाया गया। वहां उसके हाथ की चूड़ियां और कैप उतरवाकर पीछे से हाथ बांध दिए गए और एक टेबलनुमा चीज पर लिटा दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी उसके ऊपर चढ़ गई।
महिला के अनुसार, वहां मौजूद 10-12 पुरुष पुलिसकर्मियों ने गंदी-गंदी गालियां दीं। एक पुलिसकर्मी ने उसे पानी में डुबोकर रखने की बात कही और करीब आधे घंटे तक बांधकर रखा गया। इसके बाद जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर कराए गए और फिर उसे सोसाइटी के गेट पर छोड़ दिया गया।
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
इस मामले में एसीपी राजवीर कुमार ने बताया कि महिला की ओर से पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि महिला को केवल पूछताछ के लिए लाया गया था और उस दौरान महिला स्टाफ भी मौजूद था। एसीपी के अनुसार, पुलिस ने किसी तरह की मारपीट नहीं की और महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। यदि महिला शिकायत दर्ज कराती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

