जलज प्रोजेक्ट साइंटिस्ट सौरभ गवन ने लाखों महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर ,गंगा के लिए तैयार की लाखों गंगा प्रहरीन।
देहरादून भारतीय वन्यजीव संस्थान WII, देहरादून के जलज प्रोजेक्ट साइंटिस्ट सौरभ गवन आज गंगा संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के दोहरे मिशन पर काम कर रहे हैं। ने अपने जमीनी काम से हजारों लोगों को प्रेरित किया है।सौरभ गवन ‘जलज ऊर्जा अवेयरनेस एंड सेल्स प्वाइंट’ के जरिए ग्रामीण महिलाओं को सोलर लैंप, स्वच्छ ईंधन और जल संरक्षण की तकनीकी ट्रेनिंग दे रहे हैं। अब तक लाखों महिलाएँ इस ट्रेनिंग से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। ये महिलाएँ न सिर्फ अपने घर की रोशनी और रसोई बदल रही हैं, बल्कि ट्रेनर बनकर दूसरे गाँवों में भी ये ज्ञान फैला रही हैं। सौरभ गवन का मानना है कि जब गाँव की महिला सशक्त होती है, तो पूरा गाँव बदलता है।उनकी सबसे बड़ी पहचान *गंगा प्रहरी अभियान* से जुड़ी है। गंगा नदी को स्वच्छ और अविरल रखने के लिए उन्होंने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में लाखों महिलाओं को *गंगा प्रहरिन* बनाया। ये महिलाएँ नदी किनारे सफाई अभियान चलाती हैं, जल की गुणवत्ता पर नजर रखती हैं और लोगों को प्लास्टिक न फैलाने, नदी को प्रदूषित न करने के लिए जागरूक करती हैं। आज गंगा प्रहरिन एक जनआंदोलन बन चुका है। महिलाएँ खुद आगे आकर नदी की रक्षा का जिम्मा उठा रही हैं। सौरभ गवन ने WII के वैज्ञानिक शोध को फील्ड लेवल पर उतारकर दिखाया कि अगर स्थानीय लोगों को भागीदार बनाया जाए तो पर्यावरण संरक्षण में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है उनका कहना है, *“जब एक महिला जागती है तो पूरा गाँव बदलता है। और जब लाखों महिलाएँ गंगा के लिए खड़ी हो जाती हैं, तो गंगा खुद बदल जाती है।” आज उनका मॉडल दूसरे राज्यों में भी अपनाया जा रहा है। सौरभ गवन का काम साबित करता है कि विज्ञान तभी सार्थक होता है जब वो गाँव-गाँव तक पहुँचे।
