थाना महिगवां पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्यवाही में मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, 05 अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 11 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 03 अदद की-पैड मोबाइल फोन, ₹8,358/- नकद बरामद।घटना में प्रयुक्त 01 स्विफ्ट डिजायर कार एवं 01 स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामदपुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही अभियान के क्रम में पुलिस उपायुक्त उत्तरी, अपर पुलिस उपायुक्त उत्तरी एवं सहायक पुलिस आयुक्त बीकेटी के पर्यवेक्षण तथा थाना महिगवां पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल हजरतगंज की संयुक्त टीम द्वारा थाना महिगवां पर पंजीकृत मु0अ0सं0 36/2026 धारा 309 (4)/318(4)/238/111(2) (11)/3(5) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट से संबंधित अभियोग का सफल अनावरण करते हुए 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से 11 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 03 अदद की-पैड मोबाइल फोन, ₹8,358/- नकद, विभिन्न बैंक कार्ड, आधार एवं पैन कार्ड, 02 सिम कार्ड, घटना में प्रयुक्त एक स्विफ्ट डिजायर कार एवं एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई।पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे संगठित गिरोह बनाकर भीड़भाड़ वाले बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल फोन चोरी अथवा झपटमारी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन में लगे सिम कार्डों का उपयोग कर उनसे जुड़े बैंक खातों के यूपीआई वॉलेट, यूपीआई लाइट एवं इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय कर खातों से धनराशि विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर नकद निकाल लेते थे तथा आपस में बांट लेते थे। पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन एवं सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने थाना महिगवां क्षेत्र में लगभग ₹3.91 लाख तथा थाना बीकेटी क्षेत्र में लगभग₹4.28 लाख की साइबर ठगी करना स्वीकार किया।अभियुक्तगण भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से मोबाइल फोन चोरी अथवा झपटमारी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन में लगे सिम कार्डों के माध्यम से संबंधित बैंक खातों के यूपीआई वॉलेट, यूपीआई लाइट एवं इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय कर खातों से धनराशि अन्य खातों में स्थानांतरित कर नकद निकालते थे। घटना में प्रयुक्त मोबाइल, सिम एवं अन्य साक्ष्यों को बाद में नष्ट कर देते थे ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।पूछताछ एवं सत्यापन में ज्ञात हुआ कि गिरोह के कुछ अभियुक्तों के विरुद्ध पूर्व से भी साइबर अपराधों के अभियोग पंजीकृत हैं। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी प्राप्त की जा रही है राम स्वरूप पुत्र रामलखन मौर्या निवासी ग्राम परेवांजाल, थाना अटरिया, जनपद सीतापुर उम्र- 31 वर्ष अमित कुमार पुत्र सीताराम निवासी ग्राम चंधेरा, थाना कमलापुर, जनपद सीतापुर उम्र-25 वर्ष
थाना महिगवां पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्यवाही में मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, 05 अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 11 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 03 अदद की-पैड मोबाइल फोन, ₹8,358/- नकद बरामद।घटना में प्रयुक्त 01 स्विफ्ट डिजायर कार एवं 01 स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामदपुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही अभियान के क्रम में पुलिस उपायुक्त उत्तरी, अपर पुलिस उपायुक्त उत्तरी एवं सहायक पुलिस आयुक्त बीकेटी के पर्यवेक्षण तथा थाना महिगवां पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल हजरतगंज की संयुक्त टीम द्वारा थाना महिगवां पर पंजीकृत मु0अ0सं0 36/2026 धारा 309 (4)/318(4)/238/111(2) (11)/3(5) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट से संबंधित अभियोग का सफल अनावरण करते हुए 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से 11 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 03 अदद की-पैड मोबाइल फोन, ₹8,358/- नकद, विभिन्न बैंक कार्ड, आधार एवं पैन कार्ड, 02 सिम कार्ड, घटना में प्रयुक्त एक स्विफ्ट डिजायर कार एवं एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गई।पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे संगठित गिरोह बनाकर भीड़भाड़ वाले बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल फोन चोरी अथवा झपटमारी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन में लगे सिम कार्डों का उपयोग कर उनसे जुड़े बैंक खातों के यूपीआई वॉलेट, यूपीआई लाइट एवं इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय कर खातों से धनराशि विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर नकद निकाल लेते थे तथा आपस में बांट लेते थे। पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन एवं सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने थाना महिगवां क्षेत्र में लगभग ₹3.91 लाख तथा थाना बीकेटी क्षेत्र में लगभग₹4.28 लाख की साइबर ठगी करना स्वीकार किया।अभियुक्तगण भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से मोबाइल फोन चोरी अथवा झपटमारी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन में लगे सिम कार्डों के माध्यम से संबंधित बैंक खातों के यूपीआई वॉलेट, यूपीआई लाइट एवं इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय कर खातों से धनराशि अन्य खातों में स्थानांतरित कर नकद निकालते थे। घटना में प्रयुक्त मोबाइल, सिम एवं अन्य साक्ष्यों को बाद में नष्ट कर देते थे ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।पूछताछ एवं सत्यापन में ज्ञात हुआ कि गिरोह के कुछ अभियुक्तों के विरुद्ध पूर्व से भी साइबर अपराधों के अभियोग पंजीकृत हैं। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी प्राप्त की जा रही है राम स्वरूप पुत्र रामलखन मौर्या निवासी ग्राम परेवांजाल, थाना अटरिया, जनपद सीतापुर उम्र- 31 वर्ष अमित कुमार पुत्र सीताराम निवासी ग्राम चंधेरा, थाना कमलापुर, जनपद सीतापुर उम्र-25 वर्ष
