लखनऊ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 4 बोगस फर्मे, 107 संदिग्ध रजिस्ट्रेशन और 2.5 करोड़ का ट्रांजेक्शन उजागर GST कर चोरी के बड़े संगठित गिरोह का भण्डाफोड़
लखनऊ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 4 बोगस फर्मे, 107 संदिग्ध रजिस्ट्रेशन और 2.5 करोड़ का ट्रांजेक्शन उजागर GST कर चोरी के बड़े संगठित गिरोह का भण्डाफोड़।
लखनऊ कमिश्नरेट लखनऊ की साइबर सर्विलांस टीम व थाना इंटौजा मु0अ0स0 156/2025 के विवेचक द्वारा फर्जी GST फर्म बनाकर करीब सवा दो करोड़ से अधिक की कर चोरी का अभियुक्त गिरफ्तार। गिरोह के सदस्य गरीब जरूरतमंद लोगों को रूपयों का लालच देकर उनके आधार, पैन, बैंक खाता, मोबाइल नंबर आदि दस्तावेज प्राप्त करते थे।फर्जी किरायानामा/बिजली बिल तैयार कर GST फर्म रजिस्ट्रेशन कराया जाता था 07 अदद डेबिट कार्ड, 01 अदद चेक बुक, 06 अदद मोबाइल फोन, 01 अदद सिम कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद।साइबर/सर्विलांस टीम एवं थाना इंटौंजा की संयुक्त कार्यवाही से संगठित GST गिरोह का पर्दाफाश।27.08.2025 को वादी मुकदमा श्री अभिमन्यु पाठक सहायक आयुक्त राज्य कर खण्ड-16 लखनऊ के द्वारा जीसटी कर चोरी के संबंध में अल्तमश ट्रेडर्स के फर्म स्वामी जहीर अमहद द्वारा छद्म Rent/Lease agreement का उपयोग करते हुये पंजीयन प्राप्त कर अस्तित्वहीन/फर्जी फर्म द्वारा सुनियोजित तरीके से आई०टी०सी० का अनुचित लाभ हेतु बिना अनुमन्य आई०टी०सी० क्लेम व विभिन्न प्रकार से राजस्व क्षति कारित करने के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 156/2025 धारा 419/420/467/468/471 भादवि पंजीकृत किया गया। दौराने विवेचना अभियोग उपरोक्त मे बुद्धिप्रकाश पुत्र स्व० दीपक निवासी कलीमपुर पोस्ट रेवान थाना रेऊसा जनपद सीतापुर का नाम प्रकाश मे आया जिसे आज दिनांक 19.06.26 को साईबर सेल व सर्विलांस टीम की मदद से थाना इटौंजा पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा अल्तमस ट्रेडर्स जो कि वास्तविक रूप से अस्तित्व में ही नहीं थी, के नाम पर जीसटी कर चोरी किया गया।क्राइम ब्रांच, लखनऊ द्वारा थाना इटौंजा पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 156/2025 की विवेचना के दौरान फर्जी GST फर्मों के माध्यम से संचालित एक संगठित वित्तीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है।विवेचना के दौरान अल्तमस ट्रेडर्स के नाम से पंजीकृत एक संदिग्ध GST फर्म का पता चला। तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण के क्रम में संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की गई, जिसमें 10 IMEI चिन्हित हुए। इन IMEI के विस्तृत विश्लेषण से 225 नए मोबाइल नंबर प्राप्त हुए, जिनमें से 107 नंबरों पर विभिन्न कंपनियों का पंजीकरण पाया गया।
