लखनऊ कमिश्नरेट थाना महिगवां पुलिस द्वारा चोरी की घटना का सफल अनावरण, 01 अभियुक्त को गिरफ्तार व 01 बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया।
लखनऊ कमिश्नरेट थाना महिगवां पुलिस द्वारा चोरी की घटना का सफल अनावरण, 01 अभियुक्त को गिरफ्तार व 01 बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया।
अभियुक्त के कब्जे से किमती जेवरात, 50,000 रूपये व घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद।थाना महिगवां पर पंजीकृत मु0अ0सं0 96/2026 धारा 331(4)/305(ए) बीएनएस में पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए दिनांक 04.07.2026 को घटना का सफल अनावरण किया गया। पुलिस टीम ने 01 अभियुक्त को गिरफ्तार करने के साथ ही 01 बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर चोरी गया सम्पूर्ण माल बरामद कर लिया।उल्लेखनीय है कि दिनांक 01.07.2026 को वादी श्री शिव मोहन मिश्रा पुत्र स्व० श्री त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा निवासी बाके नगर चौराहा मोहम्मदपुर सरैया थाना महिगंवा लखनऊ द्वारा अपने मकान से सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं पूजा घर में रखी चांदी की मूर्तियां चोरी हो जाने के संबंध में थाना महिगवां पर अभियोग पंजीकृत कराया गया था। घटना के अनावरण हेतु गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना, तकनीकी साक्ष्यों एवं पतारसी-सुरागरसी के आधार पर अभियुक्तों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने पूर्व नियोजित योजना के तहत बाल अपचारी के बाबा के मकान में प्रवेश कर कमरे एवं अलमारी का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, नगदी तथा पूजा घर में रखी चांदी की मूर्तियां चोरी कर ली थीं। चोरी के बाद समस्त सामान को अभियुक्त सौरभ गुप्ता के मामा की कपड़े की दुकान की टाण्ड पर छिपाकर रखा गया था। दोनों चोरी की नगदी एवं जेवरात को आपस में बांटने तथा जेवरात बेचकर धनराशि प्राप्त करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।जांच में यह भी प्रकाश में आया कि अभियुक्तों ने पारिवारिक संबंध एवं घर की आंतरिक जानकारी का लाभउठाते हुए रात्रि में मकान में प्रवेश कर घटना को अंजाम दिया था। चोरी के बाद माल को सुरक्षित स्थान पर छिपाकर बाद में बेचने की योजना बनाई गई थी।गिरफ्तारी एवं बरामदगी की समस्त कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए संपन्न की गई। बाल अपचारी के संबंध में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई तथा गिरफ्तार अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।-अभियुक्तों ने पारिवारिक परिस्थितियों एवं घर की जानकारी का लाभ उठाकर रात्रि में मकान में प्रवेश किया। कमरे एवं अलमारी के ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं पूजा घर की मूर्तियां चोरी कर लीं तथा चोरी का माल बाद में बेचने के उद्देश्य से एक कपड़े की दुकान में छिपाकर रख दिया।
