25 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला के समापन पर भव्य संस्कृति उत्सव आयोजित।
लखनऊ। आरोही वेलफेयर फाउंडेशन, लखनऊ के तत्वावधान में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित 25 दिवसीय पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यशाला का समापन भव्य सांस्कृतिक उत्सव के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में हरीश चंद्र पंत, दीवान सिंह अधिकारी, वरिष्ठ ग़ज़ल गायक मिथलेश लखनवी, डॉ. सुधा बाजपेई (प्रचार्या सीबी गुप्ता बीएसएस पीजी कॉलेज) और महेश प्रसाद (सेवानिवृत प्रशासनिक अधिकारी जल एंव सिंचाई विभाग) उपस्थित रहे। संस्था की अध्यक्ष शिप्रा चंद्र और मोना चंद्र ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। श्रीगणेश की वंदना के बाद 25 दिवसीय कार्यशाला के प्रशिक्षुओं ने भारतीय लोक संस्कृति के रंगों को मंच पर जीवंत किया। प्रतिभागी अनुष्का वर्मा ने पहाड़ी, राजस्थानी, बुंदेली और बधावा लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। लोकगायिका शिप्रा चंद्र ने बनारसी, मिर्जापुरी, अवधी और कजरी लोकगीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आरती, लविता, जय प्रकाश, अजय पासवान, मंजुल रायजादा, उपमा पांडे, कमलेश पाठक और मिथलेश लखनवी ने भी लोकगीत प्रस्तुत किए। संगीत में कीबोर्ड पर सोनू, ढोलक पर विकास कुमार और ऑक्टोपैड पर सुनील ने साथ दिया। कार्यक्रम का संचालन विजय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी एवं अभिनेता प्रकाश बाजपेई को गुलाबो सिताबो, रेड और कागज जैसी फिल्मों में अभिनय और भारतीय रंगमंच व लोककला में योगदान के लिए आरोही वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने कहा कि भारतीय लोककला हमारी अमूल्य धरोहर है। ऐसी कार्यशालाएँ नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी, गणमान्य नागरिक, कलाकार और प्रशिक्षु उपस्थित रहे। अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रशिक्षकों और संस्कृति मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

