एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की प्रभावी कार्रवाई
लखनऊ कमिश्नरेट थाना मदेयगंज पर पंजीकृत एक वर्ष पुराने गुमशुदगी के प्रकरण में 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद* करते हुए मामले में संलिप्त आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।प्रकरण की विवेचना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को स्थानांतरित किए जाने के उपरांत टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल फुटप्रिंट्स, मानव खुफिया तंत्र (Human Intelligence) तथा अंतरजनपदीय समन्वय के माध्यम से वैज्ञानिक एवं सुनियोजित जांच की गई। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप बालिका को जनपद सीतापुर से सकुशल बरामद किया गया तथा आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रीमती किरन यादव, आईपीएस* ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के पास ऐसे चुनौतीपूर्ण गुमशुदगी के प्रकरण आते हैं, जिनमें विशेषज्ञ अन्वेषण एवं बहुआयामी समन्वय की आवश्यकता होती है। AHTU प्रत्येक मामले में तकनीक, मानव खुफिया तंत्र एवं अंतरजनपदीय समन्वय का प्रभावी उपयोग करते हुए पीड़ितों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि *वर्ष 2026 में अब तक AHTU द्वारा कुल 10 गुमशुदा बच्चों* को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है।
