राजस्थान के श्रीगंगानगर की मासूम बेटी को नम आंखों से श्रद्धांजलि,न्याय की मांग को लेकर लखनऊ के मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन पर निकली पदयात्रा, समाज के विभिन्न वर्गों ने उठाई आवाज












राजस्थान के श्रीगंगानगर की मासूम बेटी को नम आंखों से श्रद्धांजलि,न्याय की मांग को लेकर लखनऊ के मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन पर निकली पदयात्रा, समाज के विभिन्न वर्गों ने उठाई आवाज,
लखनऊ, 12 जुलाई।  राजस्थान के श्रीगंगानगर में दरिंदगी का शिकार हुई 13 वर्षीय मासूम बेटी की स्मृति में रविवार को मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन पर शोक-संतप्त श्रद्धांजलि सभा एवं न्याय पदयात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता करते हुए पीड़िता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दोषियों को शीघ्र एवं कठोरतम दंड दिए जाने की मांग की।
यह कार्यक्रम अरुणिमा वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्षा एडवोकेट सुमिता तिवारी के नेतृत्व में तथा सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती रीति कुशवाहा के सहयोग से आयोजित किया गया। उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर और मौन रखकर दिवंगत बालिका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट सुमिता तिवारी ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान वहां की बेटियों की सुरक्षा से होती है। यदि आज भी बेटियां भय और असुरक्षा के वातावरण में जीने को विवश हैं तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय है। उन्होंने कहा कि पांच दिनों तक आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद मासूम बेटी का असमय निधन पूरे देश को झकझोर देने वाली घटना है। हम सभी यहां केवल श्रद्धांजलि देने के लिए नहीं, बल्कि न्याय की आवाज को बुलंद करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, त्वरित न्याय व्यवस्था तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय दिलाने की मांग की।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती इला मिश्रा, श्रीमती उषा रघुवंशी, हर उम्मीद फाउंडेशन की महामंत्री श्रीमती जिया मिश्रा, इला स्वाभिमान संस्था की अध्यक्ष श्रीमती सुमन मनराल, समाजसेविका श्रीमती नंदिता मिश्रा, श्रीमती सीमा दुबे, श्रीमती प्रीता पांडे सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। सभी ने पीड़िता को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए समाज में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए जाने पर बल दिया