लखनऊ कार्यालय, अपराध शाखा, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊलखनऊ का पहला "BOSS SCAM" प्रकरण का सफल अनावरणः साइबर क्राइम पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही से 10.85 लाख की धनराशि वापस, शेष रिकवरी एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु कार्यवाही जारी।बॉस स्कैम का शिकार बने लखनऊ के मशहूर व्यवसायी CALCUTTA REGALIA के अकाउंटेंट से व्हाट्सएप पर व्यवसायी के पुत्र बनकर मालवेयर युक्त संदेश भेजकर 18 लाख रुपये की साइबर ठगी सफल अनावरण ।पुलिस आयुक्त, लखनऊ तथा श्रीमान संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त (अपराध), अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) एवं सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के कुशल पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम, कमिश्नरेट लखनऊ की टीम द्वारा मु०अ०सं० 0062/2026 में त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के इस प्रकरण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई,जांच के दौरान संबंधित बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स एवं अन्य संस्थाओं से त्वरित समन्वय स्थापित कर संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया गया तथा फ्रॉड की गई धनराशि को सुरक्षित कराने हेतु लगातार प्रभावी फॉलो-अप किया गया। इन सतत प्रयासों के फलस्वरूप पूर्व में ₹6,00,000/- की धनराशि पीड़ित को वापस कराई गई थी। आगे की कार्रवाई में ₹4,85,000/- की अतिरिक्त धनराशि भी सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।इस प्रकार अब तक कुल ₹10,85,000/- (दस लाख पचासी हजार रुपये) की ठगी गई धनराशि पीड़ित को वापस कराई जा चुकी है। शेष धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी हेतु तकनीकी एवं विधिक कार्रवाई निरंतर प्रचलित है।थाना साइबर क्राइम की कार्रवाई-शिकायत प्राप्त होते ही साइबर क्राइम थाना पर तुरन्त मुकदना पंजीकृत करते हुए Golden Hour Responseके तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों को धनराशि होल्ड कराने हेतु अनुरोध भेजा गया। डिजिटल ट्रांजैक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया गया तथा विभिन्न वित्तीय संस्थानों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया।है।इसी प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक ₹10.85 लाख की धनराशि पीड़ित को वापस कराई जा चुकी धनराशि वापस कराने में सक्रिय अधिकारी/कर्मचारी साइबर क्राइम थाना, लखनऊ।पीड़ित का धन्यवाद वक्तव्य मैं लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। जब मेरे साथ ₹18 लाख की साइबर ठगी हुई तो मुझे लगा कि मेरी पूरी धनराशि वापस मिलना लगभग असंभव है। लेकिन थाना साइबर क्राइम की टीम ने मेरी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लगातार फॉलो-अप किया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक ₹10.85 लाख की धनराशि वापस मिल चुकी है। पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली के लिए मैं पूरी टीम का धन्यवाद करता हूँ। मुझे विश्वास है कि शेष धनराशि भी शीघ्र बरामद कर ली जाएगी।ADCP Crime किरन यादव (I.P.S.) के द्वारा बताया गया कि साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए तरीकों में Boss Scam (Business Impersonation Fraud) तेजी से उभरकर सामने आया है।Boss Scam साइबर अपराध का ऐसा संगठित स्वरूप है जिसमें अपराधी किसी कंपनी के मालिक, अथवा वरिष्ठ अधिकारी का प्रतिरूप धारण करते हैं। अपराधी पहले सोशल मीडिया, कंपनी की वेबसाइट, Facebook, Instagram एवं अन्य सार्वजनिक स्रोतों से कंपनी तथा उसके अधिकारियों की जानकारी एकत्र करते हैं। इसके बाद समान प्रोफाइल फोटो एवं नाम का उपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, ई-मेल अथवा मोबाइल नंबर बनाते हैं।इसके बाद Accounts या Finance विभाग के कर्मचारीको संदेश भेजकर कहा जाता है कि है.कॉल मत करना।भुगतान है।अभी तुरंत भुगतान करना है।"
लखनऊ कार्यालय, अपराध शाखा, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊलखनऊ का पहला "BOSS SCAM" प्रकरण का सफल अनावरणः साइबर क्राइम पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही से 10.85 लाख की धनराशि वापस, शेष रिकवरी एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु कार्यवाही जारी।बॉस स्कैम का शिकार बने लखनऊ के मशहूर व्यवसायी CALCUTTA REGALIA के अकाउंटेंट से व्हाट्सएप पर व्यवसायी के पुत्र बनकर मालवेयर युक्त संदेश भेजकर 18 लाख रुपये की साइबर ठगी सफल अनावरण ।पुलिस आयुक्त, लखनऊ तथा श्रीमान संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के निर्देशन में, पुलिस उपायुक्त (अपराध), अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) एवं सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) के कुशल पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम, कमिश्नरेट लखनऊ की टीम द्वारा मु०अ०सं० 0062/2026 में त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के इस प्रकरण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई,जांच के दौरान संबंधित बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स एवं अन्य संस्थाओं से त्वरित समन्वय स्थापित कर संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया गया तथा फ्रॉड की गई धनराशि को सुरक्षित कराने हेतु लगातार प्रभावी फॉलो-अप किया गया। इन सतत प्रयासों के फलस्वरूप पूर्व में ₹6,00,000/- की धनराशि पीड़ित को वापस कराई गई थी। आगे की कार्रवाई में ₹4,85,000/- की अतिरिक्त धनराशि भी सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।इस प्रकार अब तक कुल ₹10,85,000/- (दस लाख पचासी हजार रुपये) की ठगी गई धनराशि पीड़ित को वापस कराई जा चुकी है। शेष धनराशि की रिकवरी, साइबर अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी हेतु तकनीकी एवं विधिक कार्रवाई निरंतर प्रचलित है।थाना साइबर क्राइम की कार्रवाई-शिकायत प्राप्त होते ही साइबर क्राइम थाना पर तुरन्त मुकदना पंजीकृत करते हुए Golden Hour Responseके तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों को धनराशि होल्ड कराने हेतु अनुरोध भेजा गया। डिजिटल ट्रांजैक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया गया तथा विभिन्न वित्तीय संस्थानों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया।है।इसी प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक ₹10.85 लाख की धनराशि पीड़ित को वापस कराई जा चुकी धनराशि वापस कराने में सक्रिय अधिकारी/कर्मचारी साइबर क्राइम थाना, लखनऊ।पीड़ित का धन्यवाद वक्तव्य मैं लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। जब मेरे साथ ₹18 लाख की साइबर ठगी हुई तो मुझे लगा कि मेरी पूरी धनराशि वापस मिलना लगभग असंभव है। लेकिन थाना साइबर क्राइम की टीम ने मेरी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लगातार फॉलो-अप किया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक ₹10.85 लाख की धनराशि वापस मिल चुकी है। पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली के लिए मैं पूरी टीम का धन्यवाद करता हूँ। मुझे विश्वास है कि शेष धनराशि भी शीघ्र बरामद कर ली जाएगी।ADCP Crime किरन यादव (I.P.S.) के द्वारा बताया गया कि साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए तरीकों में Boss Scam (Business Impersonation Fraud) तेजी से उभरकर सामने आया है।Boss Scam साइबर अपराध का ऐसा संगठित स्वरूप है जिसमें अपराधी किसी कंपनी के मालिक, अथवा वरिष्ठ अधिकारी का प्रतिरूप धारण करते हैं। अपराधी पहले सोशल मीडिया, कंपनी की वेबसाइट, Facebook, Instagram एवं अन्य सार्वजनिक स्रोतों से कंपनी तथा उसके अधिकारियों की जानकारी एकत्र करते हैं। इसके बाद समान प्रोफाइल फोटो एवं नाम का उपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट, ई-मेल अथवा मोबाइल नंबर बनाते हैं।इसके बाद Accounts या Finance विभाग के कर्मचारीको संदेश भेजकर कहा जाता है कि है.कॉल मत करना।भुगतान है।अभी तुरंत भुगतान करना है।"
