ऑपरेशन CY-VAJRA के तहत साइबर ठगी के अंतरराज्यीय/अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का सफल अनावरण, NCRP/JMIS पोर्टल पर प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन के दौरान 09 साइबर ठग गिरफ्तार । 50 एटीएम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ₹53,100 नकद बरामद, साइबर ठगी की रकम USDT में परिवर्तित कर विदेशी (चीनी) साइवर अपराधियों तक भेजने का खुलासा। ऑपरेशन CY-VAJRA के अंतर्गत NCRP/JMIS पोर्टल से प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन के दौरान बड़ी कार्रवाई। संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का सफल अनावरण करते हुए 09 साइबर अपराधी गिरफ्तार, थाना मड़ियांव पर अभियोग पंजीकृता 50 एटीएम कार्ड, 03 चेकबुक, 02 पासबुक, 03 मोबाइल फोन, 01 टैबलेट, ₹53,100 नकद एवं साइबर अपराध में प्रयुक्त अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद। भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें Mule Account के रूप में प्रयोग किया जाता था। साइबर ठगी की धनराशि को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित कर विदेशी (चीनी) साइबर अपराधियों के डिजिटल वॉलेट में भेजने का खुलासा। गिरोह के अन्य सदस्यों, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन, बैंक खातों एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी। गिरोह द्वारा प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर कमीशन लेकर अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क को आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही थी। कार्यवाही। श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्णा द्वारा संचालित ऑपरेशन CY-VAJRA के अंतर्गत साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में तथा माननीय पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ श्री अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में NCRP/JMIS पोर्टल पर प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु पुलिस उपायुक्त, उत्तरी के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त, उत्तरी के पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस आयुक्त, अलीगंज के नेतृत्व में सर्विलांस/क्राइम टीम, उत्तरी जोन, साइबर टीम एवं थाना मड़ियांव पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सुनियोजित अभियान चलाया गया। तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग डाटा, डिजिटल सर्विलांस एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में संलिप्त 09 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में थाना मड़ियांव पर मु0अ0सं0-0334/2026 धारा 317(2), 318(4), 3(5), 111(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा धारा 66-C सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। संक्षिप्त विवरण दिनांक 12.07.2026 को क्राइम ब्रांच, डीसीपी उत्तरी की टीम द्वारा ऑपरेशन CY-VAJRA के अंतर्गत JMIS समन्वय पोर्टल से प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन एवं साइबर अपराधियों की तलाश के दौरान केशव नगर मोड़ के पास एक संदिग्ध व्यक्ति मो. शाहरूख को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना बैंक खाता साइबर ठगी में उपयोग हेतु उपलब्ध कराना स्वीकार किया तथा अन्य साथियों के आईआईएम रोड स्थित होने की जानकारी दी। उक्त सूचना पर क्राइम ब्रांच साइबर टीम, डीसीपी उत्तरी एवं थाना मड़ियांव पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए आईआईएम रोड सर्विस लेन से कुल 09 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से ₹53,100/- नकद, 50 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 02 पासबुक, 03 चेकबुक, 01 टैबलेट, 01 आईपैड, घटना में प्रयुक्त कार संख्या UP32FR8191 w मोटरसाइकिल संख्या UP32GA4936 बरामद की गई। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर धाना मड़ियांव पर मु0अ0सं0 334/2026, धारा 317(2), 318 बीएनएस एवं 66-सी आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष है। अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास एवं अन्य साइबर अपराधों में संलिप्तता के संबंध में विस्तृत विवेचना एवं आव प्रचलित है। साइबर अपराधियों द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें Mule Accounts के जा रहा था। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से अर्जित धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर नकद निकासी कर ली जाती थी। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं मैनुअल सत्यापन किया गया तथा संदिग्ध खातों एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों का विश्लेषण कर गिरोह का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया। पूछताछ एवं तकनीकी साक्ष्यों से ज्ञात हआ कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले व्यक्तियों को धन का लालच देकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों से एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, इंटरनेट बैंकिग आईडी, पासवर्ड, मोबाइल नं ओटीपी संबंधी जानकारी प्र बातों का पूर्ण नियंत्रण अपने पास र साइबर उगों द्वारा इन खातों में साइबर अपरा धनराशि भेजी जाती थी, जिसे गि सदस्य एटीएम कार्ड के माध्यम
लखनऊ कमिश्नरेट ऑपरेशन CY-VAJRA के तहत साइबर ठगी के अंतरराज्यीय/अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का सफल अनावरण,NCRP/JMIS पोर्टल पर प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन के दौरान 09 साइबर ठग गिरफ्तार 50 एटीएम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ₹53,100 नकद बरामद।
साइबर ठगी की रकम USDT में परिवर्तित कर विदेशी (चीनी) साइवर अपराधियों तक भेजने का खुलासा।ऑपरेशन CY-VAJRA के अंतर्गत NCRP/JMIS पोर्टल से प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन के दौरान बड़ी कार्रवाई।संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का सफल अनावरण करते हुए 09 साइबर अपराधी गिरफ्तार, थाना मड़ियांव पर अभियोग पंजीकृता,50 एटीएम कार्ड, 03 चेकबुक, 02 पासबुक, 03 मोबाइल फोन, 01 टैबलेट, ₹53,100 नकद एवं साइबर अपराध में प्रयुक्त अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद।भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें Mule Account के रूप में प्रयोग किया जाता था।साइबर ठगी की धनराशि को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित कर विदेशी (चीनी) साइबर अपराधियों के डिजिटल वॉलेट में भेजने का खुलासा।गिरोह के अन्य सदस्यों, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन, बैंक खातों एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी।गिरोह द्वारा प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर कमीशन लेकर अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क को आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही थी।कार्यवाही।लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्णा द्वारा संचालित ऑपरेशन CY-VAJRA के अंतर्गत साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में तथा माननीय पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ श्री अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में NCRP/JMIS पोर्टल पर प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु पुलिस उपायुक्त, उत्तरी के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त, उत्तरी के पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस आयुक्त, अलीगंज के नेतृत्व में सर्विलांस/क्राइम टीम, उत्तरी जोन, साइबर टीम एवं थाना मड़ियांव पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सुनियोजित अभियान चलाया गया।तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग डाटा, डिजिटल सर्विलांस एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में संलिप्त 09 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।इस संबंध में थाना मड़ियांव पर मु0अ0सं0-0334/2026 धारा 317(2), 318(4), 3(5), 111(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा धारा 66-C सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है 12.07.2026 को क्राइम ब्रांच, डीसीपी उत्तरी की टीम द्वारा ऑपरेशन CY-VAJRA के अंतर्गत JMIS समन्वय पोर्टल से प्राप्त Mule Accounts के सत्यापन एवं साइबर अपराधियों की तलाश के दौरान केशव नगर मोड़ के पास एक संदिग्ध व्यक्ति मो. शाहरूख को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना बैंक खाता साइबर ठगी में उपयोग हेतु उपलब्ध कराना स्वीकार किया तथा अन्य साथियों के आईआईएम रोड स्थित होने की जानकारी दी।उक्त सूचना पर क्राइम ब्रांच साइबर टीम, डीसीपी उत्तरी एवं थाना मड़ियांव पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए आईआईएम रोड सर्विस लेन से कुल 09 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से ₹53,100/- नकद, 50 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 02 पासबुक, 03 चेकबुक, 01 टैबलेट, 01 आईपैड, घटना में प्रयुक्त कार संख्या UP32FR8191 w मोटरसाइकिल संख्या UP32GA4936 बरामद की गई।गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर धाना मड़ियांव पर मु0अ0सं0 334/2026, धारा 317(2), 318 बीएनएस एवं 66-सी आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष है। अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास एवं अन्य साइबर अपराधों में संलिप्तता के संबंध में विस्तृत विवेचना एवं आव प्रचलित है।साइबर अपराधियों द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें Mule Accounts केजा रहा था। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से अर्जित धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर नकद निकासी कर ली जाती थी। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं मैनुअल सत्यापन किया गया तथा संदिग्ध खातों एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों का विश्लेषण कर गिरोह का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।पूछताछ एवं तकनीकी साक्ष्यों से ज्ञात हआ कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले व्यक्तियों को धन का लालच देकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों से एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, इंटरनेट बैंकिग आईडी,पासवर्ड, मोबाइल नं ओटीपी संबंधी जानकारी प्र बातों का पूर्ण नियंत्रण अपने पास र साइबर उगों द्वारा इन खातों में साइबर अपरा धनराशि भेजी जाती थी, जिसे ये सदस्य एटीएम कार्ड के माध्यम से पैसे निकालने का काम करते थे।

