पूरे शहरों में ई रिक्शा चालाकों का आतंक इनके जाम के चक्कर में जनता परेशान नहीं पहुंच पा रहे हैं मरीज ऐम्बुलेंस से टाइम पर हास्पिटल,
पूरे शहरों में ई रिक्शा चालाकों का आतंक इनके जाम के चक्कर में जनता परेशान नहीं पहुंच पा रहे हैं मरीज ऐम्बुलेंस से टाइम पर हास्पिटल,
लखनऊ शहर में ई रिक्शा चालाकों की तादात बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।आला अधिकारियों की परिवाहन विभाग की ढील का नतीजा बिना लाइसेंस वाले बिना बार कोड वाले दौड़ रहे हैं रोडो पर ई चरख चौराहे पर देखने को मिलती है इनकी तादात नजीराबाद चौकी के सामने देखने को मिलती हैं इनकी तादात नक्खास चौराहे पर देखने को मिलती हैं इनकी तादात ऐसे और चौराहे है जहां पर अपना जमावड़ा लगाए हुए दिखाई देते हैं पर आला अधिकारी नहीं लगा पा रहे हैं इनपर लगाम जब कोई भी बड़ी घटना को यही लोग अंजाम देते हैं तब आला अधिकारियों की आंख खुलती हैं फिर चलाया जाता है चैकिंग अभियान फिर दिये जाते हैं बार कोड लगाने के आदेश इन एक कारनामा और भी रहता है अपने ही साथियों को अपने ई रिक्शा पर सवारी बनाकर बैठा लेते हैं फिर सही सवारियों को सून सान जगाहो पर ले जाकर के उनको लूटने का काम करते हैं इस लूट के खेल में महिला और पुरुष अपनी भूमिका ब खूबी अच्छे से निभाते और सवारियों को लूटकर है जाते हैं रफू चक्कर फिर लूट की घटना जब अखबार की हेड लाइन में प्रकाशित की जाती है तब ये आला अधिकारी जाग जाते और शुरू करते चैकिंग और बार कोड का अभियान वोभी कुछ समय के लिए उसके मामला शांत होते हैं सब आला अधिकारी शान्त हो बैठ जाते हैं।





