खानकाह-ए-आलिया साबिरिया रमजानिया, बालूगंज खोया गली, आगरा में 22 शरीफ की फातिहा और जश्न-ए-साबिर पाक अकीदत के साथ मनाया गया

खानकाह-ए-आलिया साबिरिया रमजानिया, बालूगंज खोया गली, आगरा में 22 शरीफ की फातिहा और जश्न-ए-साबिर पाक अकीदत के साथ मनाया गया

आगरा।  खानकाह-ए-आलिया साबिरिया रमजानिया, बालूगंज खोया गली, आगरा शरीफ में माहाना 22 शरीफ की फातिहा और जश्न-ए-हजरत साबिर पाक कलियरी (रह.) का प्रोग्राम बड़े ही अकीदत व एहतराम के साथ मुनाकिद हुआ।

इस मुबारक मौके पर दोपहर में हजरत ख्वाजा पीर-ए-तरीकत पीर अलहाज तसद्दुक हुसैन अल-मारूफ रमजान अली शाह चिश्ती साबरी (रहमतुल्लाह अलैह) के आस्ताना-ए-आलिया पर हाजिरी दी गई। 

इस मौके पर हजरत मखदूम साबिर पाक कलियरी रहमतुल्लाह अलैह के फैजान और उनकी तालीमात पर रोशनी डाली गई। महफिल में कुरान ख्वानी, नात-ए-पाक और मनकबत का नजराना पेश किया गया।

इस रूहानी महफिल की सदारत सज्जादा नशीन पीरजादा अलहाज कासिम अली शाह चिश्ती साबरी रमजानवी साहब ने फरमाई। आपने अपने खिताब में फरमाया कि बुजुर्गों के उर्स और फातिहा मनाना सुन्नत है और इससे दिलों को सुकून मिलता है।

आखिर में मुल्क में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारा, खुशहाली और उम्मत की फलाह के लिए खुसूसी दुआ की गई। फातिहा के बाद लंगर-ए-आम का एहतेमाम किया गया जिसमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की जिसमें सैयद रिज़वान करार अकबराबादी, सैय्यद गुलज़ार, माहिर उल्लाह, मौलाना दिलकश जालौनवी, अब्दुल सईद आगाई, हाशिम साबरी, हाफ़िज़ कारीअब्दुल वाहिद, सैय्यद जाकिर हुसैन, आदि तमाम लोगों ने शिरकत की।