ज्यादा ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों के दिमाग और आँखों पर असर सम्भव: डॉ नागेश वार्ष्णेय
न्यूरोसर्जन डॉ नागेश वार्ष्णेय, के कहा कि हर चीज एक सीमा के अंदर की जाए,तो ठीक वरना उसके दुष्परिणाम होने की संभावना रहती है। जैसे कोराना वायरस के चलते एक ट्रेंड ऑनलाइन पढ़ाई का चल रहा है। यह घातक हो सकता है।विभिन्न स्कूलों द्वारा आजकल जो ऑनलाइन पढ़ाई करायी जा रही है,उससे बच्चो के दिमाग पर थकावट का असर आ सकता है,और आंखे भी कमजोर हो सकती हैं। बच्चो के व्यवहार में चिडचिडापन आ सकता है। सोचने समझने की शक्ति भी कम हो सकती है।ऑनलाइन पढ़ाई को जरूरत से ज्यादा करने पर आंखों और सिर में दर्द होने की बहुत संभावना है।न्यूरोसर्जन डॉ नागेश वार्ष्णेय ने बताया कि लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों में लालिमा और ड्राइनेस की समस्या भी हो सकती है। मोबाइल की लत पडने की बहुत संभावना है,जो आगे के छात्र जीवन में नुकसानदायक होगा। सोचने समझने की छमता पर प्रभाव पडेगा।इसीलिए स्कूलों को चाहिए कि,पढाई को ऐसे बताएं, कि मोबाइल देखने की जरूरत कम हो,और व्हाट्सएप मेसेज द्वारा बता दिया जाए,की किताबो में कौन कौन से पाठ पढ़ने हैं, और अभिभावकों को निर्देशित कर दें, कि उसको पुनराभ्यास कराते रहें। और कॉपी में क्लास वर्क की तरह लिखाकर अभ्यास करें।मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करें।