विकास के दावों की खुली पोल:गुलचोरा का बारात घर बना खंडहर, ग्रामीण परेशान
विकास के दावों की खुली पोल:गुलचोरा का बारात घर बना खंडहर, ग्रामीण परेशान
लखीमपुर खीरी। जनपद लखीमपुर खीरी के ब्लॉक बेहजम अंतर्गत ग्राम पंचायत गुलचोरा में सरकार के विकास के दावे पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यहाँ स्थित सरकारी बारात घर रखरखाव के अभाव में बदहाली के आंसू बहा रहा है। सार्वजनिक उपयोग के लिए बना यह भवन अब अपनी पहचान खोकर कूड़े और गंदगी का केंद्र बन चुका है। बारात घर की हालत बद से बदतर हो चुकी है और भवन के चारों ओर गोबर व कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे निकलने वाली तीखी बदबू ने आसपास के वातावरण को पूरी तरह दूषित कर दिया है भवन की सुरक्षा और देखरेख का आलम यह है कि इसके दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह टूट चुके हैं और अंदर रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि भवन के भीतर स्थित शौचालय और स्नानघर भी गोबर और गंदगी से पटे पड़े हैं, जिससे इनका उपयोग करना पूरी तरह असंभव हो गया है। गांव के निवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि बीते 10 से 12 वर्षों के लंबे अंतराल में इस बारात घर की न तो कभी पुताई कराई गई और न ही प्रशासन द्वारा इसकी कोई मरम्मत सुनिश्चित की गई। भवन की दीवारों और छतों से कई जगहों पर प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है, जिससे यह जर्जर ढांचा कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र सरकार एक ओर गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास की बात करती है, लेकिन गुलचोरा गांव की जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। बारात घर के साथ-साथ गांव की सड़कें भी बदहाल स्थिति में हैं। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और उनमें पानी भरा रहता है, जिससे ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इस पूरे मामले पर जब ग्राम प्रधान से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कहा कि मैं आज बजट लखनऊ में हूं 3 दिन बाद मिलूंगा लेकिन गांव वालों ने बताया कि जब भी ग्राम प्रधान से सड़कें सही करवाने की बात कही जाती है तो वो बजट की कमी का हवाला देते हुए जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीण इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। गांव के लोगों ने संबंधित विभाग और जिले के उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि बारात घर की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए और मरम्मत कार्य शुरू करते हुए बिजली, शौचालय व स्नानघर की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस सार्वजनिक भवन को जल्द ठीक नहीं किया गया, तो वे प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।

